1 – Computer Fundamental

“Computer is an electronic device which convert data into meaningful information”

Note – ( Computer is a combination of hardware and software )

कंप्यूटर

कंप्यूटर – संगणककंप्यूटरपरिकलक; – वस्तुतः एक अभिकलक यंत्र (programmable machine) है जो दिये गये गणितीय तथा तार्किक संक्रियाओं को क्रम से स्वचालित रूप से करने में सक्षम है। इसे अंक गणितीय, तार्किक क्रियाओं व अन्य विभिन्न प्रकार की गणनाओं को सटीकता से पूर्ण करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से निर्देशित किया जा सकता है। चूंकि किसी भी कार्य योजना को पूर्ण करने के लिए निर्देशो का क्रम बदला जा सकता है  ”कंप्यूटर विद्युत से चलने वाला एक ऐसा यंत्र है जो गणनाओ से सम्बंधित कार्य को पुरा करता है ”

कंप्यूटर


कम्प्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर का संयोजन होता है

कंप्यूटर के जनक


चार्ल्स बैबेज को “कंप्यूटर का पिता”(फादर ऑफ कम्प्यूटर ) माना जाता है। बैबेज को अंततः अधिक जटिल डिजाइन करने के लिए एवं उनके नेतृत्व में पहली यांत्रिक कंप्यूटर की खोज करने का श्रेय दिया जाता है। इन्हें अन्य क्षेत्रों में अपने विभिन्न कामो के लिए भी जाना जाता है एवं इन्हें अपने समय में काफी लोकप्रियता एवं सम्मान भी मिला अपने विभिन्न खोज के लिए और वही आगे चल कर कंप्यूटर जगत में नए खोजो का श्रोत बना।

चार्ल्स बैबेज

जन्म
26 दिसम्बर 1791
(लंदन, इंग्लैंड)

मृत्यु
18 अक्टूबर 1871 (उम्र 79)
(मार्लीबोन, लंदन, इंग्लैंड)

चार्ल्स बैबेज एक अंग्रेजी बहुश्रुत थे वह एक गणितज्ञ, दार्शनिक, आविष्कारक और यांत्रिक इंजीनियर थे, जो वर्तमान में सबसे अच्छे कंप्यूटर प्रोग्राम की अवधारणा के उद्धव के लिए याद किये जाते है।

Full form of computer


कंप्यूटर शब्द अंग्रेजी के 8 अक्षरों से मिल कर बना है जिनका निम्नलिखित अर्थ होता है

  • c – common – सामान्य
  • o – operated  – चलाना
  • M – Machine  – यंत्र
  • P – Particularly – विशेष
  • U – used For –प्रयोग के लिये
  • T – Technical – तकनीकी
  • E – Education – शिक्षा
  • R – Research  – खोज

कंप्यूटर का उपयोग


कंप्यूटर का उपयोग प्रत्येक स्थानों पर किसी कार्य को त्रुटि रहित और तेजी से करने के लिए किया जाता है जैसे -गणना करना, वित्तीय हिसाब रखना, इंटरनेट बैंकिंग ,ग्राफ़िक डिजाइनिंग,वेब डिजाइनिंग एकाउंटिंग इत्यादि कंप्यूटर के प्रयोग स्थल निम्न है

  • Bank
  • Office
  • School /skul
  • Shop
  • Home
  • Institution

कंप्यूटर शब्द की उत्पत्ति

कंप्यूटर शब्द का प्रथम प्रयोग वर्ष 1613 में अंग्रेज लेखक रिचर्ड ब्रेथवेट की पुस्तक ‘”द यंग मैन ग्लीनिंग्स”‘ में पाया गया। जिसमे एक वाक्य “मैंने समय के सबसे सही कम्प्यूटरों को और धरा पे जन्मे सर्वोत्तम अंक गणितज्ञ को पढ़ा है। यह उस व्यक्ति के बारे में बताता है जो गणनाएँ (computations) करता था, तभी से यह शब्द २०वी शताब्दी के मध्य तक इस सन्दर्भ में प्रयोग होता आ रहा है। 

संगणक व अभिकलित्र नाम भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा जारी किये गए हैं।

कंप्यूटर का इतिहास

” कंप्यूटर के इतिहास के चरण को विभिन्न वर्गों में विभक्त किया गया है कंप्यूटर का इतिहास लगभग 3000 (तीन हजार ) वर्ष पुराना माना जाता है | ” प्राचीन काल के लोग छोटी गढ़नाओ के लिए उंगलियो का प्रयोग करते थे और बड़ी गढ़नाओ के लिए निम्न यंत्रो का प्रयोग करते थे |

(Abacus)गिनतारा

गिनतारा

(Abacus) एक गणन उपकरण होता है, जिसका प्रयोग एशिया के भागों में अंकगणितीय प्रकायों के लिये किया जाता था। आज, गिनतारा अपने वर्तमाण रूप में, तारों पर बंधे मोतियों वाले एक फ्रेम के रूप में दिखाई पड़ता है, लेकिन वे मूल रूप से ये फली के बीजों या पत्थरों या लकड़ी, पत्थर या धातु की गोलियों को रेत में खांचों/क्यारियों में चला कर प्रयोग किये जाते थे। लिखित प्रणाली के आरंभ से शताब्दियों पूर्व इनका प्रयोग किया जाता था। आज भी एशिया, अफ़्रीका आदि कई स्थानों पर व्यापारियों द्वारा इसका प्रयोग किया जाता है। इसके प्रयोक्ता को गिनतारारे कहते हैं।

संगणक के विकास का संक्षिप्त इतिहास

  • 1623 ई.: जर्मन गणितज्ञ विल्हेम शीकार्ड ने प्रथम यांत्रिक कैलकुलेटर का विकास किया। यह कैलकुलेटर जोड़ने, घटाने, गुणा व भाग में सक्षम था।
  • 1642 ई.: फ्रांसीसी गणितज्ञ ब्लेज़ पास्कल ने जोड़ने व घटाने वाली मशीन का आविष्कार किया।
  • 1801 ई.: फ्रांसीसी वैज्ञानिक जोसेफ मेरी जैकार्ड ने लूम (करघे) के लिए नई नियंत्रण प्रणाली का प्रदर्शन किया। उन्होंने लूम की प्रोग्रामिंग की, जिससे पेपर कार्डों में छेदों के पैटर्न के द्वारा मशीन को मनमुताबिक वीविंग ऑपरेशन (weaving operation) का आदेश दिया जाना सम्भव हो गया।
  • 1833-71 ई.: ब्रिटिश गणितज्ञ और वैज्ञानिक चार्ल्स बैबेज ने जैकार्ड पंच-कार्ड प्रणाली का प्रयोग करते हुए ‘एनालिटिकल इंजन’ का निर्माण किया। इसे वर्तमान कम्प्यूटरों का अग्रदूत माना जा सकता है। बैबेज की सोच अपने काल के काफी आगे की थी और उनके आविष्कार को अधिक महत्व नहीं दिया गया।
  • 1889 ई.: अमेरिकी इंजीनियर हरमन हॉलेरिथ ने ‘इलेक्ट्रो मैकेनिकल पंच कार्ड टेबुलेटिंग सिस्टम’ को पेटेंट कराया जिससे सांख्यिकी आँकड़े की भारी मात्रा पर कार्य करना सम्भव हो सका। इस मशीन का प्रयोग अमेरिकी जनगणना में किया गया।
  • 1941 ई.: जर्मन इंजीनियर कोनार्डसे ने प्रथम पूर्णतया क्रियात्मक डिजिटल कम्प्यूटर Z3 का आविष्कार किया जिसे प्रोग्राम द्वारा नियंत्रित किया जा सकता था। Z3 इलेक्ट्रॉनिक कम्प्यूटर नहीं था। यह विद्युतीय स्विचों पर आधारित था जिन्हें रिले कहा जाता था।
  • 1942 ई.: आइओवा स्टेट कॉलेज के भौतिकविद जॉन विंसेंट अटानासॉफ और उनके सहयोगी क्लिफोर्ड बेरी ने प्रथम पूर्णतया इलेक्ट्रॉनिक कम्प्यूटर के कार्यात्मक मॉडल का निर्माण किया जिसमें वैक्यूम ट्यूबों का प्रयोग किया गया था। इसमें रिले की अपेक्षा तेजी से काम किया जा सकता था। यह प्रारंभिक कम्प्यूटर प्रोग्रामेबल नहीं था।
  • 1944 ई.: आईबीएम और हार्वर्ड यूनीवॢसटी के प्रोफेसर हॉवर्ड आइकेन ने प्रथम लार्ज स्केल ऑटोमेटिक डिजीटल कम्प्यूटर ‘मार्क-1’ का निर्माण किया। यह रिले आधारित मशीन 55 फीट लम्बी व 8 फीट ऊँची थी।
  • 1946 ई.: अमेरिकी सेना के लिए पेनसिल्वेनिया विश्वविद्यालय में भौतिकविद् जॉन माउचली और इंजीनियर जे. प्रेस्पर इकेर्ट ने ‘इलेक्ट्रॉनिक न्यूमेरिकल इंटीग्रेटेड एंड कम्प्यूटर – इनिएक’ (ENIAC) का निर्माण किया। इस कमरे के आकार वाले 30 टन कम्प्यूटर में लगभग 18,000 वैक्यूम ट्यूब लगे थे। इनिएक की प्रोग्रामिंग अलग-अलग कार्य करने के लिए की जा सकती थी।
  • 1951 ई.: इकेर्ट और माउचली ने प्रथम कॉमर्शियल कम्प्यूटर ‘यूनिवेक’ (UNIVAC) का निर्माण किया (सं.रा. अमेरिका)।
  • 1976 ई.: पर्सनल कम्प्यूटरों के लिए प्रथम वर्ड प्रोग्रामिंग प्रोग्राम ‘इलेक्ट्रिक पेंसिल’ का निर्माण।
  • 1977 ई.: एप्पल ने ‘एप्पल-II’ को बाजार में उतारा, जिससे रंगीन टेक्स्ट और ग्राफिक्स का प्रदर्शन संभव हो गया।
  • 1990 ई.: माइक्रोसॉफ्ट ने अपने ग्राफिकल यूज़र इंटरफेस का प्रथम वजऱ्न ‘विंडोज़ 3.0’ बाजार में उतारा।
  • 1996 ई.: हाथ में पकड़ने योग्य कम्प्यूटर ‘पाम पाइलट’ को बाजार में उतारा गया।
  • 2002 ई.: कम्प्यूटर इंडस्ट्री रिसर्च फर्म गार्टनेर डेटा क्वेस्ट के अनुसार 1975 से वर्तमान तक मैन्यूफैक्चर्ड कम्प्यूटरों की संख्या 1 अरब पहुँची।

Types of computer (कंप्यूटर के प्रकार )

Computer को दो आधारों पर वर्गीकृत किया गया हैं

  1. कार्यप्रणाली के आधार पर (Based on Mechanism)
  2. आकार के आधार पर (Based on Size)

1- कार्यप्रणाली के आधार पर (Based on Mechanism)

There are three types of computer according to their work

  1. Analog Computer
  2. Digital Computer
  3. Hybrid Computer

Analog Computer

Analog Computer वे Computer होते है जो भौतिक मात्राओ, जैसे- दाब (Pressure), तापमान (Tempressure), लम्बाई (Length), ऊचाई (Height) आदि को मापकर उनके परिमाप अंको में व्यक्त करते है ये Computer किसी राशि का परिमाप तुलना के आधार पर करते है

Thermometer

Example-

  • थर्मामीटर
  • old telephone 
  • Speedometer

Digital computer

एक डिजिटल कंप्यूटर अपने सिस्टम को दशमलव प्रणाली में, बाइनरी में या अन्य अंक प्रणाली में कर सकता है। “वे कंप्यूटर जो अंको की गड़ना करके उनका परिणाम बताते है digital computer कहलाते है “

Digital computer

Example

  • Laptop
  • Desktop
  • Mobile phone
  • Palmtop

Hybrid computer

हाइब्रिड कंप्यूटर वे कंप्यूटर होते हैं जो एनालॉग कंप्यूटर और डिजिटल कंप्यूटर की विशेषताओं को प्रदर्शित करते हैं। hybrid computer का प्रयोग सर्वाधिक चिकित्सा क्षेत्र में किया जाता है

Dylisis machine

Example

  • Dylisis machine ( for blood clothing)
  • Echocardiogram machine
  • Ultrasound machine
  • CT scan machine

2- आकार के आधार पर (Based on size )

आकार के आधार पर कंप्यूटर को चार वर्गो में विभाजित किया गया है

  • Micro computer
  • Mini computer
  • Mainframe computer
  • Super computer

Micro computer

माइक्रो कंप्यूटर शब्द माइक्रोप्रोसेसर से संबंधित है जो डेटा और निर्देश कोड को संसाधित करने के उद्देश्य से एक व्यक्तिगत कंप्यूटर के साथ प्रयोग किया जाता है। ये सबसे आम कंप्यूटर प्रकार हैं क्योंकि वे बहुत महंगे नहीं होते है

Personal Computer

Micro computer को p c के नाम से भी जाना जाता है माइक्रो कंप्यूटर के निम्नलिखित उदाहरण है

  • Desktop
  • Laptop
  • Mobile phone
  • Palm top

Mini computer

मिनी कंप्यूटर मध्य आकार के कंप्यूटर हैं। आकार और शक्ति के संदर्भ में, मिनी कंप्यूटर को माइक्रो कंप्यूटर से उच्च स्थान दिया गया है।

Mini computer

मिनीकंप्यूटर एक बहुसंकेतन प्रणाली है जो एक साथ 4 से लगभग 200 उपयोगकर्ताओं को समर्थन देने में सक्षम है। मिनिकॉम्प्यूटर शब्द का उपयोग कम हो गया है और उनका सर्वर में विलय हो गया है।

Example

  • DEC PDP and VAX series.
  • Data General Nova.
  • IBM midrange computers.
  • Hewlett-Packard HP 3000 series and HP 2100 series.

3 – Mainframe computer

ये बड़े और महंगे कंप्यूटर प्रकार हैं जो सैकड़ों, या हजारों लोगों को एक साथ समर्थन करने में सक्षम हैं। इन कम्प्यूटरों उपयोग ज्यादातर सरकारी और बड़े संगठनों द्वारा डेटा प्रोसेसिंग, महत्वपूर्ण अनुप्रयोगों, लेनदेन प्रसंस्करण, जनगणना, उद्योग और उपभोक्ता आंकड़ों के लिए किया जाता है।

Mainframe computer

इन कंप्यूटरों को मिनी तथा मेनफ़्रेम कंप्यूटर से सर्वेष्ट माना जाता है

Example

  • IBM z Systems z13.
  • IBM LinuxONE Rockhopper.
  • z9 mainframe.
  • z9 mainframe.
  • An IBM 704 mainframe (1964)

4 – Super computer

सुपर कंप्यूटर एक सामान्य-उद्देश्य वाले कंप्यूटर की तुलना में उच्च स्तर के प्रदर्शन वाला कंप्यूटर है। सुपरकंप्यूटर का प्रदर्शन सामान्यतः(FLOPS) “फ्लोटिंग-पॉइंट ऑपरेशन्स प्रति सेकंड” के बजाय(MIPS) मिलियन निर्देश प्रति सेकंड में मापा जाता है। सुपर कंप्यूटर हैं सौ से अधिक क्वाड्रिलियन FLOPS प्रदर्शन कर सकते हैं। नवंबर 2017 से, दुनिया के सभी सबसे तेज़ 500 सुपर कंप्यूटर लिनक्स-आधारित ऑपरेटिंग सिस्टम चलाते हैं। अतिरिक्त शोध चीन, संयुक्त राज्य अमेरिका, यूरोपीय संघ, ताइवान और जापान में और भी अधिक शक्तिशाली और तकनीकी रूप से बेहतर सुपर कंप्यूटर बनाने के लिए किया जा रहा है।

आधुनिक सुपर कंप्यूटर

सुपर कंप्यूटर विज्ञान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, और विभिन्न क्षेत्रों में कम्प्यूटेशनल रूप से गहन कार्यों की एक विस्तृत श्रृंखला के लिए उपयोग किया जाता है, जिसमें क्वांटम यांत्रिकी, मौसम पूर्वानुमान, जलवायु अनुसंधान, तेल और गैस की खोज, आणविक मॉडलिंग (संरचनाओं और गुणों की गणना) शामिल हैं। ब्रह्मांड के शुरुआती क्षणों के सिमुलेशन, हवाई जहाज और अंतरिक्ष यान एरोडायनामिक्स, परमाणु हथियारों का विस्फोट, और परमाणु संलयन के लिए भी सुपर कंप्यूटर का प्रयोग किया जाता है सुपर कंप्यूटर 1960 के दशक में पेश किए गय थे लेकिन एक उल्लेखनीय उदाहरण 1976 का अत्यधिक सफल क्रे -1 है। इस कंप्यूटर को cray Research company द्वारा बनाया गया था तथा इसी comapany के नाम पर ही इसका नाम cray -1 रखा गया

Example

  • JAGUAR, Oak Ridge National Laboratory.
  • NEBULAE, China
  • Cray -1
  • Cray-2
  • PARAM 8000 (1991)
  • PARAM 10000 in (1998)
  • Pratyush
  • Mihir
  • Sunway TaihuLus ( fastest computer of world ) china

Generation of computer (कंप्यूटर की पीढ़ी)


कंप्यूटर के विकास का इतिहास अलग अलग पीढ़ी दर पीढ़ी कंप्यूटिंग उपकरणों के संदर्भ में है। यह यात्रा वैक्यूम ट्यूबों के साथ 1940 में शुरू हुई और तब से चली आ रही है। । computer generation को पाँच भागो में विभाजित किया गया है

  • पहली पीढ़ी के कंप्यूटर (1940 – 1956)
  • दूसरी पीढ़ी के कंप्यूटर (1956 – 1963)
  • तीसरी पीढ़ी के कंप्यूटर (1964 – 1971)
  • चौथी पीढ़ी के कंप्यूटर (1971 – 1980)
  • पांचवीं पीढ़ी के कंप्यूटर (वर्तमान और भविष्य)

1- पहली पीढ़ी के कंप्यूटर (1940 – 1956

प्रथम पीढ़ी के कंप्यूटर में निर्वात नली (vacuum tube) का प्रयोग परिपथ बनाने में किया जाता था और मेमोरी के लिय चुम्बकीय ड्रम प्रयोग में लाते थे | निर्वात नली के प्रयोग की वजह से इन कंप्यूटर से बहुत अधिक ऊष्मा उत्सर्जित होती थी जो इन कंप्यूटर की बहुत बड़ी समस्या थी |

एनिएक

ये कंप्यूटर निम्न स्तरीय भाषा को समझ पाते थे इसलिए इनको को भी कार्य बताने के लिए बाइनरी भाषा काम में ली जाती थी , जो काम में लेने के लिए बहुत मुश्किल थी | क्योकि बाइनरी भाषा में समस्त निर्देश ० और १ के प्रयोग से लिखे जाते हैं जिनमे गलतियों को पहचानना बेहद मुश्किल कार्य होता था | ये कंप्यूटर एक समय में एक ही काम कर सकते थे | इनपुट व आउटपुट के लिए पंच कार्ड पर प्रिंट आउट का प्रयोग किया जाता था |

UNIVAC और ENIAC प्रथम पीढ़ी के उदाहरण हैं

2 – दूसरी पीढ़ी के कंप्यूटर (1956 – 1963)

ये कंप्यूटर प्रथम पीढ़ी की तुलना में तेज़ होते थे और इनमे निर्वात नली के स्थान पर ट्रांजिस्टर प्रयोग में लाया जाता था | इस ट्रांजिस्टर का आविष्कार 12 sep 1958 में हुआ, इसके प्रयोग के पश्चात कंप्यूटर की स्पीड पहले से तेज़ हो गयी परन्तु ये कंप्यूटर भी ऊष्मा उत्सर्जित करते थे |

IBM7094

इस पीढ़ी के कंप्यूटर में भी इनपुट देने के लिए पंच कार्ड और आउटपुट प्राप्त करने के लिए प्रिंट आउट का ही प्रयोग किया जाता था | लेकिन प्रोग्राम लिखने के लिए बाइनरी भाषा की जगह असेंबली भाषा प्रयोग में लायी जाने लगी | असेंबली भाषा में अंग्रेजी के अक्षरों को कोड के रूप में काम में लिया जाता है |

COBOL और FORTRAN भाषाओ के प्रारम्भिक वर्जन का प्रयोग इसी समय किया जाने लगा, जो की उच्च स्तरीय भाषा के उदहारण है |

3 – तीसरी पीढ़ी के कंप्यूटर (1964 – 1971)

इस पीढ़ी में इनपुट देने के लिए कीबोर्ड और आउटपुट के लिए मोनीटर का प्रयोग किया जाने लगा, और सबसे पहले ऑपरेटिंग सिस्टम का प्रयोग इस पीढ़ी में किया गया, जो की एक CUI आधारित ऑपरेटिंग सिस्टम था | तृतीय पीढ़ी के कंप्यूटर में ट्रांजिस्टर के स्थान पर आई. सी. का प्रयोग किया जाने लगा | आई. सी. का अविष्कार 1958 में जैक किल्बी द्वारा किया गया |

IBM (desktop)

आई. सी. के प्रयोग से कंप्यूटर का आकार बहुत छोटा और पहले से तेज़ हो गये | इस पीढ़ी के कंप्यूटर में प्रोग्राम लिखने के लिए उच्च स्तरीय भाषा का प्रयोग किया जाने लगा और ये कंप्यूटर एक समय में एक से ज्यादा कार्य करने में सक्षम थे |

CUI- Character User Interface 

4 – चौथी पीढ़ी के कंप्यूटर (1971 – 1980)

चतुर्थ पीढ़ी के कंप्यूटर की शुरुआत माइक्रोप्रोसेसर से हुई , जो की सिलिकोन से बनी एक चिप होती थी जिस पर हजारो आई.सी. एक साथ लगी होती है | इस पीढ़ी के कंप्यूटर में GUI (GraInterfacephical User )आधारित ऑपरेटिंग सिस्टम का प्रयोग किया गया जो की काम में लेने के लिए बहुत आसान था | Ex.- WINDOW xp,7,8,10

Fourth generation’s computer

इस पीढ़ी में ही माउस का प्रयोग शुरू हुआ और प्रोग्राम लिखने के लिए कुछ उच्च स्तरीय भाषाओ को विकसित किया गया जैसे- C और C++ |

Note –

·        Intel कंपनी ने सर्वप्रथम 1971 में माइक्रोप्रोसेसर चिप का प्रयोग किया और उसे Intel-4004 नाम दिया |

·        1981 में IBM ने होम यूजर के लिए पहला कंप्यूटर बनाया |

·        1984 में APPLE कंपनी ने Macintosh- Operation System बनाया |

IBM- International Business Machine

5 – पांचवीं पीढ़ी के कंप्यूटर (वर्तमान और भविष्य)

कंप्यूटर की पांचवी पीढ़ी ए.आई. के साथ विकसित हुई, ए.आई. से तात्पर्य है की एक मशीन जो मानवीय गुणों को समझ सके|

ये पीढ़ी अभी विकास की प्रक्रिया में है, इस पीढ़ी के कुछ गुण हम आजकल उपकरणों में काम लेते है जैसे- फिंगर प्रिंट , रोबोट , आवाज द्वारा इनपुट देना आदि |

Future’s computer

इस पीढ़ी का मुख्य उद्देश्य ऐसी मशीन का निर्माण करना है जो यूजर की भाषा को समझ सके और उसका जवाब दे सके और साथ ही वो मशीन सिखने में सक्षम हो |

Computer’s Devices (कंप्यूटर के उपकरण)

एक कम्प्यूटर का निर्माण चार अलग अलग यंत्रो को जोड़ कर किया जाता है ये यंत्र कंप्यूटर को कार्य करने में सहायता प्रदान करते है computer device चार प्रकार के होते है

  • Inpute device
  • Processing device
  • Output device
  • Data storage device

1.- Input Device

कंप्यूटर के वे यंत्र जिनकी सहायता से user सूचनाओ को कंप्यूटर तक भेजता है , input device कहलाते है

  • Mouse
  • Keyboard
  • Lighten
  • MICR( Magnetic ink character reader)
  • OCR ( optical character reader)
  • OMR ( optical mark reader)
  • Qr-code Reader
  • SCR ( smart card reader)

Mouse , keyboard कंप्यूटर का मुख्य इनपुट device है

2.- Processing device

Computer के वे यंत्र जो input किये गए सूचनाओ का गणना करके उसे परिणाम में बदलते है ,processing device कहलाता है

Processor

3.- Output Device

Computer के वे device जो input तथा processing किये गए सूचनाओ को प्रदर्शित करते है ,output device कहलाते है

Monitor
  • Monitor
  • Printer
  • Platter
  • Speaker

Monitor कंप्यूटर का मुख्य output device है

4.- Data storage device

कंप्यूटर के वे डिवाइस जो सूचनाओ को संग्रहित करके सुरक्षित रखता है डेटा स्टोरेज डिवाइस कहलाता है

Hard disk
कंप्यूटर का मुख्य storage device

Example –

  • HDD (Hard disk Drive)
  • DVD ( Digital versatile Disk)
  • CD ( compact disk )
  • PD (pan Drive )
  • Memory sticks

कम्प्यूटर मेमोरी की प्रकार

कम्प्यूटर में मेमोरी का कार्य सूचनाओ को एकगृत करना होता है computer memory को दो भागों में विभाजित किया गया है

  • Primery / Internal memory
  • Secondry /External memory

1.- Primery /Internal Memory

Primery memory को कम्प्यूटर की मुख्य memory के नाम से जाना जाता है ,यह memory mother board में लगे होने के कारण इसे Internal मेमरी के नाम से भी जाना जाता है primery memory दो प्रकार के होते है

  1. Ram (Random Access Memory)
  2. Rom (Read Only Memory)

i.- Ram (Random Access Memory)

RAM  या Random Access Memory कंप्यूटर की अस्थाई मेमोरी (Temprery Memory) होती हैं| की-बोर्ड या अन्य किसी इनपुट डिवाइस से इनपुट किया गया डाटा प्रक्रिया से पहले रैम में ही संगृहीत किया जाता है और सी.पी.यू. द्वारा आवश्यकतानुसार वहाँ से प्राप्त किया जाता है रैम में डाटा या प्रोग्राम अस्थाई रूप से संगृहीत रहता है

Ram

कंप्यूटर बंद हो जाने या विजली चले जाने पर रैम में संगृहीत (Store) डाटा मिट जाता हैं| इसलिए रैम को Volatile या अस्थाई मेमोरी कहते है Ram को दो भागो में बांटा गया है

1- Dynamic RAM
2- Static RAM

ii.-Rom ( Read Only Memory)

रीड ओनली मेमोरी में रखीं गयी सूचना को केवल पढ़ा जा सकता है।   इस मेमोरी में न तो कुछ लिखा जा सकता है न ही लिखी गई सूचना को बदला जा सकता है।  यह स्थाई मेमोरी होती है। कंप्यूटर को बंद करने पर इसमें स्टोर डाटा नष्ट नहीं होता है।  इस मेमोरी में कंप्यूटर निर्माण के समय ही सूचनाएं संगृहीत कर दी जाती है।      

Rom

कंप्यूटर को ऑन करते ही ROM में स्टोर प्रोग्राम स्वतः ही क्रियान्वित हो जाते है।  ये प्रोग्राम कंप्यूटर के सभी उपकरणों की जांच कर उन्हें सक्रिय अवस्था में लाते है। रोम में स्टोर प्रोग्राम को BIOS(Basic Input Output System ) कहा जाता है।

  • PROM (Programmable Read Only Memory)
  • EPROM( Erasable Programmable Read Only Memory)
  • EEPROM (Electrically Erasable Programmable Read Only Memory)

2.- Secondry /External memory

इस मेमोरी में स्टोर सूचना  कंप्यूटर के बंद होने के बाद नष्ट नहीं होता है यह डाटा को स्थाई रूप से स्टोर करता है  इसलिए इसे स्थाई मेमोरी भी कहते है। सेकेंडरी मेमोरी में डाटा स्टोरेज क्षमता प्राथमिक मेमोरी की तुलना में बहुत अधिक होता है।  सेकेंडरी मेमोरी कंप्यूटर में विभिन्न प्रकार की होती है। 

  • HDD (Hard disk drive)
  • Pd (pan Drive)
  • USB ( Universal aerial Bus )
  • SSD ( Solid State Disk )
  • CD ( Compact Disk )
  • DVD ( Digital Video Disk )
  • Memory stick

Computer memory की इकाईयाँ

Computer memory की निम्नलिखित इकाईयाँ

Software और Hardware


Software – ”software is a set of program which complete a specific task ”

सॉफ्टवेयर Computer का वह Part होता है जिसको हम केवल देख सकते हैं और उस पर कार्य कर सकते हैं, सॉफ्टवेयर प्रोग्रामिंग भाषा मे लिखे गए नियमो तथा निर्देशो का समूह होता है जो कंप्यूटर प्रणाली को नियंत्रित करता है कंप्यूटर सॉफ्टवेयर तीन प्रकार के होते हैं

  • सिस्‍टम सॉफ्टवेयर (system software)
  • एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर (Application software)
  • यूटिलिटी सॉफ्टवेयर (Utility software)

1. सिस्‍टम सॉफ्टवेयर (system software)

सिस्टम सॉफ्टवेयर (System Software) ऐसे सॉफ्टवेयर होते हैं जो कंप्‍यूटर के हार्डवेयर को Manage और Control करते हैं और इन्‍हीं की वजह से एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर (Application Software) कंप्‍यूटर में चल पाते हैं या हम उस पर कार्य कर पाते हैं सिस्टम सॉफ्टवेयर (System Software) का निम्नलिखित उदाहरण है

  • UNIX
  • LINUX
  • WINDOWS xp
  • Windows 7
  • Windows 8
  • Windows 8.1
  • Windows 10

2. Application software

एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर (Application software) ऐसे प्रोग्रामों को कहा जाता है, जो हमारे कंप्यूटर पर आधारित मुख्य कार्यो को करने के लिए लिखे जाते हैं ।aplication software सिस्टम सॉफ्टवेयर के निर्देशानुसार कार्य करते है तथा इस सॉफ्टवेयर का प्रयोग ग्राफिक प्रेजेंटेशन , वीडियो ऑडिटिंग, डेटा एंट्री इत्यादि कार्यो को करने के लिए किया जाता है application software के निम्नलिखित उदाहरण है

  • PHOTOSHP
  • COREL DRAW
  • MS WORD
  • MS POWER POINT
  • MS EXCEL
  • MS ACCESS
  • CHROME BROWSER
  • VLC MEDIA PLAYER
  • MOZILA FIREFOX
  • SAFARI

3. यूटिलिटी सॉफ्टवेयर (Utility software)

यूटिलिटी सॉफ्टवेयर (Utility software) का काम कंप्‍यूटर के ऑपरेटिंग सिस्‍टम  की सर्विस/ रिपेयर करने का काम होता है तथा यह ऑपरेटिंग सिस्‍टम केे माध्‍‍यम से यूटिलिटी सॉफ्टवेयर (Utility software) कुछ हार्डवेयर की सर्विस करने का काम भी करते हैं जिससे उनकी कार्यक्षमता और गति को बढाया जा सके, इसमें से बहुत कुछ यूटिलिटी सॉफ्टवेयर (Utility software) ऑपरेंटिंग सिस्‍टम के साथ आते है और कुछ को अलग से कंप्यूटर में instal करना पड़ता है

  • Disk Difragement
  • Disk cleanup
  • Disk checkup
  • Antivirus

Hardware (हार्डवेयर)

Computer के वे सभी भौतिक भाग जिसको देख तथा छू कर महसूस किया जा सकता है , हार्डवेयर सॉफ्टवेयर के निर्देशानुसार ही कार्य करते है

  • Minitor
  • CPU
  • Keyboard
  • Mouse

Window operating system

विंडोज ( windows ) माइक्रोसॉफ्ट द्वारा विकसित ऑपरेटिंग सिस्टम की एक श्रृंखला है। विंडोज के प्रत्येक संस्करण में एक ग्राफिकल यूजर इंटरफेस शामिल होता है, जिसमें एक डेस्कटॉप होता है जो उपयोगकर्ताओं को विंडोज़ में फ़ाइलों और फ़ोल्डरों को देखने की अनुमति देता है। पिछले दो दशकों से, विंडोज व्यक्तिगत कंप्यूटर पीसी के लिए सबसे व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाने वाला ऑपरेटिंग सिस्टम है

Microsoft क्या है

माइक्रोसॉफ्ट, विश्व की एक जानी मानी बहुराष्ट्रीय कम्पनी है जो मुख्यत: संगणक अभियान्त्रिकी (computer Technology) के क्षेत्र में काम करती है। माईक्रोसॉफ्ट दुनिया की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कम्पनी है। 100 से भी अधिक देशों में फैली इसकी शाखाओं में 70000 से भी अधिक लोग काम करते हैं। इसका वार्षिक व्यापार लगभग 20 खरब रूपयों ( 45 बिलियन डॉलर्स) का है। कम्पनी का मुख्यालय अमेरिका में रेडमण्ड, वॉशिंगटन में स्थित है। इसकी स्थापना बिल गेट्स ने 4 अप्रैल 1975 को की थी। इसका मुख्य उत्पाद विंडोज़ ऑपरेटिंग सिस्टम है। इसके अलावा माईक्रोसॉफ्ट नाना प्रकार के सॉफ्टवेयर भी बनाती है।

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